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वर्ष 2003 में, 20 साल के आर्मी रिजर्विस्ट जोसफ ब्रीसेनो जूनियर, या पारिवारिक हलकों में जय, को सक्रिय सेवा में बुलाया गया और विदेश भेजा गया। उसे असैनिक मामलों से जुड़ी इकाई सौंपी गई। उसे युद्ध के बाद इराक के पुनर्निर्माण में सहायता करते हुए इराकी नागरिकों को खाद्य एवं सामान डिलीवर करना था।
जय ने इराक में तीन माह से कम समय बिताया था जब उसकी और उसके परिवार की जिंदगी में एक दुर्भाग्यपूर्ण मोड़ आया। बगदाद में ड्यूटी के दौरान, जय की गरदन के पीछे बहुत निकट से गोली चलाई गई। गोली उसकी मेरूरज्जु फाड़ दी और वह ठुड्डी से ले कर नीचे तक लकवाग्रस्त हो गया। उसे दो बार दिल का दौरा पड़ा जिसमें कई मिनट तक आक्सीजन की आपूर्ति रुकी रही। इससे वह अंधा हो गया और मस्तिष्क को क्षति पहुंची।
जय को बगदाद से कुवैत और फिर जर्मनी भेजा गया। एक दिन के अंदर सैनिक अस्पताल में उसके माता-पिता और दो बहनें उसके सिरहाने थे। जय गहरे कौमे में था। ''जब मैंने उसे पहली बार देखा,'' जय के पिता जोसफ ने कहा, ''वह वहां गतिहीन पड़ा था और हर तरफ नली और तार लगे थे।''
डाक्टरों ने परिवार को बताया कि जय के बचने की उम्मीद बहुत कम है और उसकी अंतिम क्रिया की तैयारी की जाए। ''एक पिता के रूप में, मुझे यथासंभव दृढ़ रहना था,'' सीनियर ब्रीसेनो ने कहा, ''मैंने डाक्टरों से कहा, 'जितना संभव हो मैं जय को घर ले जाना चाहता हूं।''
ब्रीसेनो परिवार सदमे में था। जोसफ ने याद किया, ''हम पागल बने हुए थे। ढेर सारे सवाल थे। हम पूछते जा रहे थे, ''उसके साथ यह क्यों हुआ?'''
पहला दिन 48 घंटे का हुआ; 48 घंटे एक हफ्ता बना, हफ्ता महीने में बदला। जय जीवित था, चलने-फिरने, बोलने या खुद से खाने-पीने से मजबूर था। कृत्रिम श्वास पर आश्रित और लकवाग्रस्त था। आज के दिन जय ब्रीसेना राष्ट्र के ''सर्वाधिक घायल'' सैनिक के रूप में जाना जाता है।
प्रांत में जय का इलाज वाल्टर रीड आर्मी मेडिकल सेंटर और फिर रिचमोंड के हंटर होम्ज मैकगायरे वीए मेडिकल सेंटर में किया गया। जोसफ को महसूस हुआ कि उसके बेटे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन अब भी उसके कई सवाल थे, खास तौर पर विए प्रणाली से इतर देखरेख से जुड़े सवाल। किसी मित्र ने जोसफ को बताया कि क्रिस्टोफर एंड डाना रीव फाउंडेशन और उसका पैरालिसिस रिसोर्स सेंटर (पीआरसी) से शायद उसे मदद मिल सकती है।
जोसफ अपने अनुभवों का जिक्र करते हैं, ''मुझे पता चला कि मैं कहां अपने बेटे को ले जा सकता हूं, अस्पतालों का नाम, वेबसाइट जिसे मैं देख सकता हूं, और एक फोन नंबर जिसपर मैं कभी भी फोन कर सकता हूं।''
वह बताते हैं, ''इराक और अफगानिस्तान में हाल में घायल हुए ढेर सारे योद्धा हैं। ज्यादातर को पता नहीं कि प्रणाली को कैसे संचालित करें... उनके परिवार को एक साथ जुड़े रहने की जरूरत है। उन्हें एक परिवार के रूप में दृढ़ रहना है। हमारी प्रौद्योगिकी बेहतर है और जब एससीआई और टीबीआई आती है तो ज्यादा संसाधन हैं।''
जोसफ को एहसास है कि वीए शानदार मेडिकल सेवा दे सकती है, लेकिन अकेले सभी कार्य नहीं कर सकती है, खास कर टीबीआई और उसके बेटे जैसे सैनिकों के लिए जिसकी चोट जटिल है।
''हम सभी जय की आवाज, उसकी आंख, उसके कान बन गए हैं। हम उसके लिए चीखते-चिल्लाते और संघर्ष करते रहते हैं।'' चाहे कवरेज, सेवा या मान्यता का सवाल है, जोसफ कहता है, ''जब भी हम 'नहीं, नहीं, नहीं' सुनते हैं, हम कहते हैं, ''हां, हां, हां।''
एवा ब्रिसेनो अपने बेटे जय के साथ।
क्रिस्टोफर रीव प्रकार की चोट
जब डाक्टरों ने प्राथमिक निदान किया तो उनको पता नहीं था कि मैथ्यू कील सुपरमैन का एक बड़ा प्रशंसक और अभिनेता क्रिस्टोफर रीव का लंबे समय से परस्तार रहा है। उन्होंने परिवार को कहा, ''उसे क्रिस्टोफर रीव प्रकार की चोट लगी है।''
मैट फरवरी 2007 में इराक में रमादी में गश्त पर था जब किसी निशानेबाज ने उसपर गोली चलाई। गोली उसकी रीढ़ की हड्डी पर लगी, उसके बाएं फेफड़े और एक धमनी को फाड़ गई। मैट और उसके परिवार को बताया गया कि वह अपनी गरदन से नीचे अब कभी कोई चीज हिला-डुला नहीं पाएगा और अपने जीवन भर कृत्रिम श्वास प्रणाली पर रहेगा।
''मेरी पहली प्रतिक्रिया सदमा थी,'' मैंट की पत्नी ट्रेसी याद करती है, ''मैं कुछ भी नहीं समझ सकी...प्राथमिक सदमे के बाद यह कुछ इस प्रकार था, 'इसका मतलब क्या हुआ?'''
ट्रेसी ने जितना हो सका मेरूरज्जु चोट और उसके इलाज और इस क्रम में उपलब्ध मदद के बारे में जानने की कोशिश की। उसने पैरालिसिस रिसोर्स सेंटर (पीआरसी) को फोन किया। ''जब मैट को क्रिस्टोफर रीव जैसी चोट लगी, मुझे तत्काल फाउंडेशन से संपर्क करने का ख्याल आया। पीआसी ने मुझे बेशुमार सूचना भेजी। उन्होंने मुझे किताबें भेजी, सभी तरह के संसाधन भेजे। हर चीज मददगार थी।''
ट्रेसी ने पढ़ा कि कैसे रीव अपनी चोट से निबटा जबकि उसकी पत्नी और परिवार उसके साथ रहा। ''मैट को गोली लगने के छ: हफ्ते पहले हमारी शादी हुई थी,'' वह कहती है, ''हमारे लिए परिवार की शुरुआत करना हमेशा हमारी योजना में था। और यह जानना वास्तव में काफी मददगार रहा कि कैसे एससीआई के साथ जीवन रोजमर्रा के आधार पर कैसा होगा।''
ट्रेसी के लिए पीआरसी सूचनाओं के स्रोत से कहीं ज्यादा थी। ''मैं किसी को नहीं जानती थी जो मेरूरज्जु चोट के बारे में जानता हो। मैंने पीआरसी को फोन किया और किसी से बात कर सकी। वह एक सचमुच अच्छा एहसास था। बस यह जान कर मुझे शांति मिली जब मुझे उसकी बहुत ज्यादा जरूरत थी कि मैं बैठ सकती हूं और किसी से बात कर सकती हूं, और यह शख्स पहले हमारे जैसे परिवारों से निबट चुका है।''
मैट एवं ट्रेसी कील
केयरिंगब्रिज पर मैट्स जर्नल से सीधे:
मैट ने वर्ल्ड सीरीज के गेम 3 का पहला पिच फेंका।
चार जुलाई को गोली लगी
''मेरा बेटा जेम्स लाथन जूनियर 4 जुलाई 2004 को इराक में युद्ध में घायल हुआ। वह गरदन से नीचे तक लकवाग्रस्त है। वह 29 साल का है। मुझे बहुत उम्मीद है कि वह फिर चल सकेगा।'' इस तरह शुरू होता है एक मां का लिखा पत्र जो उसने मदद और सूचना का आग्रह करते हुए पीआरसी को लिखा था।
जेम्स की गरदन के पीछे मोर्टार का एक टुकड़ा लगा था। घायल सैनिक उस क्षण की याद करता है। ''मैंने अपने पीछे मोर्टार की आवाज सुनी। विस्फोट ने मुझे गिरा दिया।''
जेम्स अब एक अवकाशप्राप्त फौजी है। उसे सी3 स्तर की मेरूरज्जु चोट है और वह कृत्रिम श्वास पर आश्रित है। वह नेब्रास्का में अपने घर में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहता है। जेम्स ने वीए में पेश की जा रही सभी सेवाओं का लाभ उठाया, लेकिन वह संतुष्ट नहीं था। उसका मानना था कि वह और बेहतर हो सकता है।
पीआरसी के एक सूचना विशेषज्ञ ने जो सूचना भेजी थी, उससे लैस हो कर जेम्स विशेषीकृत रिस्टोरेटिव कसरतों के लिए बाल्टीमोर के केनेडी क्रीगर इंस्टीट्यूट गया। इनमें फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन (एफईएस) का उपयोग कर साइकल की सवारी भी शामिल थी।
क्रीगर में डाक्टरों ने जेम्स के सिर नियंत्रण में सुधार पर काम किया और उसकी बांह तथा कंधे की गतिशीलता पर काम किया। ''मैं थोड़ी बांहें हिलाने में सक्षम था। चूंकि मांसपेशियों के समूह जुड़े हैं, मैं समझता हूं कि मेरा कंधा मुक्त हो रहा था,'' जेम्स ने कहा, ''मैंने खुब मजा लिया। मैं वहां जाने और कुछ समय टिकने के लिए रास्ता खोजने की कोशिश कर रहा हूं।''
उसकी मां, अलिसा फीसन महसूस करती हैं कि अपनी जरूरतों पर अतिरिक्त मदद पाने के लिए कई बार आपको व्यवस्था से बाहर जाना पड़ता है। ''यह बहुत महंगा था। इंस्टीट्यूट जाने के लिए उसे, उसकी पत्नी और केयरटेकर को विमान से जाना था। वहां होटल, खाना था। यह महंगा था।''
जेम्स के घर वापस आने के बाद, अलिसा और उसके पति ने कुछ चंदा जमा किया। समुदाय ने प्रतिक्रिया दिखाई। ''एक चर्च ने उन्हें लिफ्ट के साथ एक वैन दिया। एक ने घर बना देने की पेशकश की,'' वह बताती हैं, ''मैं तारीफ करती हूं कि लोगों ने समर्थन जताया।''
इस बीच जेम्स उन चीजों पर ध्यान नहीं देता जिन्हें वह कर नहीं पाता, बल्कि उन चीजों पर ध्यान देता जिसे वह कर पाता है। इसके लिए उसे मशक्कत करनी पड़ती। ''मैं मानता हूं कि जहां आपका दिमाग जाता है, वहां आपका शरीर जाता है,'' वह कहता है। रूचि का एक क्षेत्र निवेश बैंकिंग था। उसे कुछ धन बनाना पसंद था।
''एक दिन कोई इलाज आ सकता है और अगर इसके लिए धन चाहिए, तो उम्मीद है कि मेरे पास इसके लिए पर्याप्त होगा। और आप अपने परिवार की हमेशा मदद कर सकेंगे।''
जेम्स लाथान जूनियर अपने बेटे जेम्स तृतीय के साथ।
वहां मदद है, संसाधन है वहां
हजारों परिवार की तरह ब्रिसेना परिवार ने भी अपने बेटे को वीए अस्पताल नेटवर्क से गुजरते देखा। हर सेंटर की अलग मजबूती और उद्देश्य है। अन्य परिवार कई बार निजी क्लिनिक और सेंटरों में देखभाल का विकल्प चुनने में सक्षम रहते हैं।
जोसफ ब्रिसेनो का कहना है कि सक्रिय सैनिक और युद्ध में हिस्से ले चुके लोगों को जानना चाहिए कि ''वहां मदद है, संसाधन है वहां।''
पैरालिसिस रिसोर्स सेंटर की अध्यक्षता कर रहे जोसफ कैनोस कहते हैं, ''जब यह लकवा का मामला होता है, हमारे पास जो भी सवाल आते है, उसका जवाब देने की हममें विशेषज्ञता है।''
पीआरसी के पास सूचना विशेषज्ञों का एक दल है जो लकवा से प्रभावित लोगों के यहां या विदेश कहीं से फोन कॉल और ईमेल का जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं। सेंटर में पैरालिसिस संबंधित दुनिया की सबसे बड़ा पुस्तकालय भी है।
कैनोस कहते हैं, ''हमने घायल सैनिकों और उनके परिवारों को यह बताने के लिए हाल में एक आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है कि हम उनकी मदद कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि ये घायल सैनिक जानें कि हम चाहे मस्तिष्क में चोट के कारण, एससीआई, रोग, या किसी अन्य कारण से रोजाना लकवा का सामना कर रहे लोगों से क्या कह रहे हैं, कि उन्हें अपने हालात का तन्हा सामना नहीं करना पड़ेगा। और उन व्यक्तियों के परिवारों और समर्थन समूहों से, जब आपको जवाब, समर्थन और उम्मीद की जरूरत है तो हम यहां हैं।''
आज...
कील परिवार कोलोराडो में भरपूर जिंदगी गुजार रहे हैं। घर वापस हो कर मैट अब अपनी बाईं बांह उपयोग कर सकता है और वह अपनी कृत्रिम श्वास समर्थन से निकल आया है। वह और ट्रेसी मैट की भतीजियों को गोद में खिला रहे हैं और उम्मीद नहीं छोड़े हैं कि किसी दिन उनका अपना भी परिवार होगा।
जेम्स नेब्रास्का में अपने घर में अपने परिवार के साथ रह रहा है। वह अपना बहाली कार्य जारी रखने के लिए केनेडी क्रीगर इंस्टीट्यूट लौटने का तरीका खोज रहा है। वह बैंकिंग के बारे में ज्यादा से ज्यादा सीखना जारी रखे है।
जय वर्जिनिया में अपने परिवार के साथ घर में रह रहा है। उसका एक केयरटेकर है और उसके माता-पिता और बहनें सभी उसकी देखभाल में बिछी रहते हैं। उसने निगलना सीखा है और चेहरे की भावना से सफलतापूर्वक संवाद कर लेता है।
लकवा के बारे में, घायल सैनिकों और उनके परिवारों के बारे में जानने के लिए टोल-फ्री वेटरन एंव मिलिट्री हॉटलाइन: 1-866-962-8387 पर संपर्क करें। |