- एफईएस सायकिलों और ट्रेडमिल (लोकोमोटर) प्रशिक्षण पर फैक्ट शीट
क्रिस्टोफर रीवे ने विश्व के सामने प्रदर्शित किया कि उन्होंने कुछ गतिविधि और संवेदन की भरपाई की है। जहां वे चल नहीं सकते, पेट, मूत्राशय या यौनिक प्रकार्य को फिर से प्राप्त नहीं कर सकते और न ही वे वेंटीलेटर के बिना सांस ले सकते हैं वहीं उनका सीमित स्वास्थ्य लाभ महत्वपूर्ण है। रीढ़ रज्जु की चोट पर वैज्ञानिक साहित्य भविष्यवाणी करता है कि अधिकतर स्वास्थ्य लाभ चोट के बाद पहले छह महीनों में घटित होगा और यह सामान्य रूप से दो वर्षों के भीतर पूरा हो जाता है। उनकी चोट के पांच से सात वर्षों बाद होने वाला रीव का स्वास्थ्य लाभ इन चिकित्सकीय प्रत्याशाओं को धता बताता है और इसका उनकी रोजाना की जिंदगी पर नाटकीय प्रभाव पड़ा है। अपनी चोट के इतने समय बाद उन्होंने स्वास्थ्य लाभ क्यों प्राप्त किया? रीव मानते हैं कि उनका सुधरा हुआ प्रकार्य मशक्कत भरी शारीरिक गतिविधि का परिणाम है। उन्होंने उसी वर्ष व्यायाम करना शुरू कर दिया था जिस वर्ष उन्हें चोट लगी थी। पांच वर्षों बाद जब उन्होंने पहली बार देखा कि वे अपनी इच्छा से कनिष्ठा को हिला-डुला सकते हैं तो रीव ने सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में डॉ. जॉन मैकडोनाल्ड की निगरानी में सघन व्यायाम कार्यक्रम शुरू किया।
रीव ने अपने कार्यक्रम में अनेक गतिविधियों को सम्मिलित किया। वह अपनी बांहों, क्वाड्रिसेप्स, हैम्सट्रिंग्स और अन्य मांसपेशी समूहों में वजन लाने के लिए हर दिन विद्युतीय उद्दीपन का प्रयोग करते थे। वे फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन (एफईएस) सायकिल पर चढ़े, स्वैच्छिक श्वसन प्रशिक्षण लिया और जलोपचार में भी शामिल हुए। 1998 और 1999 में रीव ने फंक्शनल स्टेपिंग को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेडमिल प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।
रीव और डॉ. मैकडोनाल्ड ने सुझाव दिया कि हो सकता है कि ये गतिविधियां निष्क्रिय स्नायु रास्तों को जागृत करें। लेकिन तथ्य तो यह है कि एकमात्र प्रयोग से यह जानना संभव नहीं है कि रीव के तंत्रिका-तंत्र में क्या कुछ घटित हुआ। यकीन मानिये, उनका स्वास्थ्य लाभ बहुत संभव है कि व्यायाम से जुड़ा हो। डॉ. मैकडोनाल्ड और अन्य अनुसंधानकर्ताओं एवं क्लीनिकविदों ने रीव के परिणामों की अति
उत्साहजनक व्याख्या नहीं करने के लिए आगाह किया है। स्पष्ट है कि पक्षाघात वाले सभी लोग इसी प्रकार के कार्यक्रम से लाभान्वित नहीं होंगे। जर्नल आफ न्यूरासर्जरी - स्पाइन में मैकडोनाल्ड कहते हैं, ''हालांकि हम यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकते कि गतिविधि आधारित स्वास्थ्य-लाभ कार्यक्रम ने प्रकार्यात्मक लाभों को उत्पन्न किया पर हमारा मानना हैकि शारीरिक लाभों का श्रेय इसी को जाता है।'' हममें से किसी के लिए भी यह सच है कि व्यायाम बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। व्यायाम के बहुत थोड़े पार्श्व-प्रभाव होते हैं वह भी अगर होते हैं तो, यहां तक कि वे लोग जो रीव की भांति स्वास्थ्य लाभ नहीं प्राप्त करते उनका कल्याण भी बेहतर होता है। रीव के लिए वेंटीलेटर पर उच्च स्ट्रेचर, सुधरा हुआ स्वास्थ्य उनके व्यायाम एवं उपचार कार्यक्रम का इकलौता सर्वाधिक अहम लाभ था। व्यायाम में रीव की भागीदारी कार्डियोवैस्कुलर प्रकार्य, मांसपेशी टोन, हड्डी घनत्व आदि के सुविदित लाभों के द्वारा प्रेरित थी। वाकई, मूत्राशय और फेफेड़े के संक्रमण जैसे थोड़ी सी ही चिकित्सकीय जटिलताएं उनके सामने पेश आयीं। 1999 से पहले रीव को अस्पताल में भर्ती होने की अक्सर जरूरत पड़ती थी। उनके सामने जीवन को खतरे में डालने वाली कुल नौ जटिलताएं आयीं और उन्हें कमोबेश 600 दिनों के एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता पड़ी।1999 के बाद, उन्हें अस्पताल में बहुत कम भर्ती होना पड़ा, उनके सामने केवल एक गंभीर चिकित्सा जटिलता आई और केवल 60 दिनों के एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता पड़ी। उनके स्वास्थ्य में आये इन सुधारों ने रीव के भावनात्मक कल्याण में वृद्धि की और उन्हें भांति-भांति की काम की परियोजनाओं को यह जानते हुए पूरा करने में समर्थ बनाया कि वे उन पर निर्बाध ध्यान दे सकते हैं। रीव का प्रकार्य का स्वास्थ्य लाभ अगर व्यायाम के चलते हुआ था तो यह आश्चर्यजनक पार्श्व-प्रभाव था। अब, वैज्ञानिक विस्तृत अध्ययन चालू कर रहे हैं और देश भर के केंद्रों में बड़ी संख्या में लोगों के साथ काम कर रहे हैं ताकि उन्हें इसी प्रकार के लाभ प्रदान करने का अवसर प्रदान किया जा सके। क्रिस्टोफर रीव का अनुभव इस बात का एक उदाहरण है कि जब कोई ''इसकी आदत डाल लीजिए'' वाले कठमुल्ला सूत्र को स्वीकार करने से इन्कार करता है तो क्या होता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें स्वास्थ्य लाभ किस कारण से हुआ, पर प्रकार्य में उनके सुधारों ने दूसरे लोगों के लिए आशा एवं प्रेरणा का स्रोत मुहैया कराया है। रीव इस बात के जोरदार हिमायती हैं कि एफईएस टेक्नोलॉजी को और अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जाए। वह कहते हैं, ''मेरे पास स्टाफ और उपकरण है। लेकिन अपने अनुभव से उपजी जिस बात को लेकर मैं वास्तव में आशान्वित हूं वह है बीमा कंपनियों द्वारा किये जाने वाले व्यवसाय के ढंग में नीतिगत बदलाव। बीमा कंपनियां अगर अग्रसक्रिय उपचार और उपकरण के लिए भुगतान करें तो वे मेरे जैसे लोगों को अस्पताल से बाहर रखकर पैसे बचाएंगी। कम स्तर की चोटों वाले लोग उठ खड़े होंगे और अपनी कुर्सियों से निजात पा लेंगे। यह दोनों पक्षों के लिए सुखद होगा।'' उन विभिन्न गतिविधियों का ब्योरा इस प्रकार है जो कि रीव के व्यायाम कार्यक्रम में थीं : ( ध्यान दें : एफईएस या ट्रेडमिल प्रशिक्षण जैसे उन्नत पुनर्वास उपचारों में भाग लेने पर विचार करने से पहले यह आवश्यक है कि आपका स्वयं का डॉक्टर मूल्यांकन करके यह सुनिश्चित कर ले कि उपचार उपयुक्त एवं सुरक्षित हैं) रीव ने एफईएस साइकिल पर हफ्ते में कम से कम तीन बार एक घंटे व्यायाम किया। यह टेक्नोलॉजी टांगों की थोड़ी-बहुत या स्वैच्छिक गतिविधि बिल्कुल भी नहीं वाले लोगों को एरगोमीटर कही जाने वाली व्यायाम कराने वाली साइकिल पर पैर चलाने की सुविधा प्रदान करती है। टांग की मांसपेशियों तक सतह के इलेक्ट्रोडों के जरिये कंप्यूटर से उत्पन्न निम्न स्तरीय बिजली के स्पंदन पारेषित होते हैं; इससे समन्वित संकुचन एवं पेडलिंग गति उत्पन्न होती है। एफईएस बाइकें नयी नहीं हैं; वे 20 वर्षों से अधिक समय से बाजार में हैं। इसके अलावा, पिछले कई वर्षों से एफईएस प्रणाली विश्व भर के अनुसंधान केंद्रों में तैनात की गयी है। यहां अमेरिका में, वर्तमान समय में कुछ कंपनियां यह बाइक बना रही हैं। सर्वाधिक प्राचीन विनिर्माताओं में से एक थेरैप्टिक एलायंसेस, इंक. इरगिस 2 बनाती है। रेस्टोरेटिव थेरेपीज, इंक. नामक एक नयी कंपनी आरटी300-एस की पेशकश करती है जो कि हस्तांतरण की जरूरत को खत्म करते हुए सीधे व्हीलचेयर से ऑपरेट करती है। (स्टिममास्टर ओरिअन के मूल निर्माता इलेक्ट्रोलॉजिक व्यवसाय से बाहर हो गयी है।)
इसके अलावा एफईएस बाइकें सस्ती भी नहीं हैं - वे 15,000 डालर की रेंज में हैं। कुछ बीमा कंपनियों ने यूनिटों के लिए भरपाई की है। स्वास्थ्य क्लबों और पुनर्वास क्लीनिकों पर कुछ सामुदायिक विन्यासों में बाइकें उपलब्ध हैं। संपर्क सम्बंधी जानकारी के लिए नीचे देखें; पैरालिसिस रिसोर्स सेंटर के पास उन क्लीनिकों की सूची है जो कि एफईएस बाइकों का उपयोग करती हैं।
पहला कदम ऐसी बाइक चुनना है जो कि यंत्रचालित ढंग से दुरुस्त हों। समस्त इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माताओं के पास से अपग्रेड करने योग्य हैं। प्रत्येक बाइक के हरेक चालक की विशिष्ट जरूरतों के लिए पास रन टाइम्स, प्रतिरोध आदि समेत कार्यक्रम काट्रिज सेटअप होता है। कारट्रिज प्राप्त करने के लिए नस्खे की आवश्यकता होती है। सुरक्षा कारणों से इस बात की अनुशंसा नहीं की जाती कि एफईएस बाइक सवार कोई और काट्रिज प्रयोग में लायें। इस बारे में प्रचुर चिकित्सा साहित्य उपलब्ध है कि एफईएस की प्रभाविता मांसपेशी का द्रव्यमान बढ़ाती है और कार्डियोपल्मनरी प्रकार्य सुधारती है। इस आशय के अध्ययन हैं जो कि एफईएस को दबाव घावों की घटी आवृत्ति, सुधरे हुए पेट एवं मूत्राशय प्रकार्य और मूत्रनलिका संक्रमणों की घटी हुई घटना से भी जोड़ते हैं। अभी तक साहित्य में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है जो कि एफईएस को उस प्रकार के प्रकार्यात्मक सुधारों से जोड़ती हो जैसा कि रीव ने महसूस किया।
डॉ. मैकडोनाल्ड के अनुसार एफईएस बाइक महज मांसपेशी का वजन निर्मित करने के मुकाबले कहीं अधिक उपयोगी हो सकती हैं। वह कहते हैं ''हम एक बिल्कुल भिन्न कारण से उन्हें उपयोग में लाने का प्रस्ताव करते हैं -- पुनरुद्भवन और प्रकार्य की भरपाई को बढ़ावा देने के लिए। हमारे पास अब इस बात के आंकड़े हैं जो कि यह प्रदर्शित करते हैं कि (एफईएस) गतिविधि पशुओं में पुनरुद्भवन की वृद्धि कर सकती है और वह मनुष्यों में प्रकार्य की भरपाई से जुड़ी होती है।'' ट्रेडमिल या लोकामोटर प्रशिक्षण को वजन समर्थित एम्बुलेशन के रूप में भी जाना जाता है :
लोकोमोटर प्रशिक्षण एक पुनर्वास पहुंच है जो कि पिछले दशक से उभर रही है। यह गतिविधि से उत्पन्न एक प्रकार के शिक्षण से जुड़ी है जहां पर विशिष्ट गतिविधियों की एक श्रृंखला (इस मामले में स्टेपिंग) संवेदी सूचना को प्रशस्त करती है जो कि किसी न किसी प्रकार से रीढ़रज्जु को यह याद दिलाती है कि स्टेपिंग की शुरुआत कैसे की जाये। ट्रेडमिल प्रशिक्षण टांगों को यह सिखाने के लिए आवर्ती गति का प्रयोग करती है कि फिर से कैसे चला जाए। पक्षाघात वाले व्यक्ति को ट्रेडमिल के ऊपर हारनेस में स्थगित रखा जाता है; इससे टांगों पर पड़ने वाला वजन कम हो जाता है। ट्रेडमिल जैसे ही हिलना शुरू करती है, थेरेपिस्ट व्यक्ति के टांगों को चलने के पैटर्न पर हिलाता है। ऐसा करने के पीछे यह सिद्धांत काम करता है कि पक्षाघात के कारण मांसपेशियों का ''सीखा हुआ गैर-प्रयोग'' उत्पन्न होता है। लेकिन चोटिल तंत्रिका तंत्र ''प्लास्टिक'' हो सकता है जो कि ट्रेडमिल वाकिंग के साथ वाली पैटर्नशुदा न्यूराल गतिविधि समेत कतिपय दशाओं को आप्टिमाइज करने पर स्वास्थ्य लाभ लाने में सक्षम है। लास एजिंल्स की यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया और जर्मनी, स्विटजरलैंड तथा कनाडा के अध्ययन इस बात पर गौर करते हैं कि स्वयं रीढ़रज्जु लघु मस्तिष्क के रूप में काम करती जान पड़ती है और इस प्रकार एम्बुलेशन को नियंत्रित करने में सक्षम है। रीढ़रज्जु चलने के सही तरीके के बारे में कई रूटीन निर्णय लेती है। जब पक्षाघात वाला व्यक्ति चलने पर बना रहता है तो मस्तिष्क एवं रीढ़रज्जु दोनों ही ऐसा करने के नये तरीकों को ढूंढ़ लेती है। पक्षाघात वाले बहुत से लोगों ने, इसकी शुरुआत को बीते समय से अलहदा, लोकोमोटर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने चलने में सुधार किया है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य लाभ का स्तर भिन्न होता है, हालांकि कमोबेश उन सभी लोगों ने लाभ प्रदर्शित किया जिनकी चोटें अधूरी थीं।
लेकिन, यह समझना आवश्यक है कि लोकोमोटर प्रशिक्षण एक विकासमान प्रक्रिया है और हो सकता है कि यह बेहतर ढंग से चलने में हर किसी की सहायता नहीं करे। वैज्ञानिक, डॉक्टर और थेरेपिस्ट अभी भी प्रशिक्षित करने और इस बात के लिए सर्वश्रेष्ठ ढंग को सीख रहे हैं कि किस रोगी को सर्वाधिक लाभ हो सकता है। जहां लोकोमोटर प्रशिक्षण बहुत से यूरोपीयों के लिए पुनर्वास अनुभव का अंग है, वहीं इसे करने को लेकर बहुत अधिक विशेषज्ञता नहीं है और अमेरिका में यह व्यापक स्तर पर उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति जल्दी ही बदलने वाली है क्योंकि टेक्नोलॉजी का व्यापारीकरण आगे की ओर बढ़ रहा है। चूंकि ट्रेडमिल यूनिटों का समुदाय में उपयोग बढ़ रहा है इसलिए लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे इस बात को स्वीकार करें कि लोकोमोटर प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोगियों के साथ काम करने के लिए अत्यधिक प्रशिक्षित थेरेपिस्टों को अवश्य सम्मिलित करना चाहिए। चोट के बाद चलने की रोगी की क्षमता को अधिकतम बनाना उस कौशल एवं सटीकता पर बहुत अधिक निर्भर करता है जिसके साथ थेरेपिस्ट लोकोमोटर प्रशिक्षण मुहैया कराता है।
जलोपचार :क्रिस्टोफर रीव ने तालाब में अपनी टांगों एवं बांहों को हिलाने की क्षमता का प्रदर्शन किया। पानी में गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव बहुत कम हो जाता है इसलिए शरीर के छोटी-छोटी हलचलों को ज्यादा आसानी से देखा जा सकता है और थेरेपिस्ट उस व्यक्ति की गुरुत्वाकर्षण के पूरे प्रतिरोध के बिना हिलने-डुलने की अधिकतम क्षमता का पता लगा सकता है। इसके अलावा, लोग जब गतिविधि की भरपाई करना शुरू करते हैं तो पानी अभ्यास को आसान बना देता है। जब समय मिलता था तो रीव हफ्ते में एक बार लगभग दो घंटों के लिए जलोपचार करते थे।हड्डी घनत्व उपचारचूंकि पक्षाघात से ग्रस्त लोग ठेठ ढंग से अपनी हड्डियों पर वजन या दबाव नहीं डालते इसलिए वे हड्डी का घनत्व गंवाने की ओर प्रवृत्त होते हैं और अक्सर आस्टियोपोरोसिस विकसित कर लेते हैं। औषधियों एवं एफईएस सायकिल पर व्यायाम के साथ रीव की आस्टियोपोरोसिस हड्डियों के सामान्य घनत्व में उलट गयी।
एफईएस संसाधन थेरैप्टिक एलायंसेस, इंक एरगिस 2 का निर्माण एवं विपणन करती है और पुरानी रेगिस बाइकों को सपोर्ट करता है। 937-879-0734 पर कंपनी से संपर्क करें या इंटरनेट साइट पर विजिट करें - www.musclepower.com
रेस्टोरेटिव थेरेपीज, इंक. की स्थापना रेस्टोरेटिव थेरेपी के एक अग्रणी प्रतिपादक डॉ. जॉन मैकडोनाल्ड ने की थी, जिन्होंने रीव के पुनर्वास कार्यक्रम की निगरानी की। कंपनी ने हाल ही में आरटी300-एस की शुरुआत की। टांग मार्गदर्शिका के साथ पेडल्स सीधे व्हीलचेयर से प्राप्त किये जाते हैं और इस प्रकार हस्तांतरण की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती। 1-800-609-9166 पर उन्हें टोल फ्री फोन करें या इंटरनेट साइट पर विजिट करें : www.restorative-therapies.com
क्लीनिकों एवं एफईएस बाइकों का उपयोग करने वाले केंद्रों की सूची पैरालिसिस रिसोर्स सेंटर इन्फार्मेशन स्पेशलिस्ट्स के पास उपलब्ध है। एफईएस और उसके अन्य एप्लीकेशनों पर जानकारी एवं पृष्ठभूमि के लिए अपने नजदीक के एफईएस सेंटर से संपर्क करें। अधिकतर के पास वेबसाइटें और स्टाफ है जो कि आपकी सहायता कर सकता है, जैसे िक्लवलेंड एफईएस सेंटर । एफईएस और उसके अन्य एप्लीकेशनों पर जानकारी एवं पृष्ठभूमि के लिए अपने नजदीक के एफईएस सेंटर से संपर्क करें। अधिकतर के पास वेबसाइटें और स्टाफ है जो कि आपकी सहायता कर सकता है, जैसे कि क्लीवलैंड एफईएस सेंटर।
ट्रेडमिल या लोकोमोटर प्रशिक्षण संसाधन :यूसीएलए समूह ने रोबोमेडिका, इंक. द्वारा निर्मित की जा रही ट्रेडमिल प्रशिक्षण को विकसित किया है। इस प्रणाली का लाभ जाने-माने अनुसंधानकर्ता रेगी एडगेरटन और सुसन हरकेमा के नेतृत्व में विकास टीम में विशेषज्ञता की गहराई है। रीव ने इसी यूनिट का प्रयोग किया था। इसके अलावा अमेरिका एवं कनाडा में रीढ़रज्जु की चोट के लिए क्लीनिक परीक्षणों में भी इसका सघनतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। 949-788-0525 पर रोबोमेडिका से संपर्क करें या इंटरनेट साइट पर विजिट करें : http://www.robomedica.com/
टेम्पे, ए जेड में स्थित मोबिलिटी रिसर्च कई वर्षों से हारनेस एवं ट्रेडमिल प्रशिक्षण सेटअप बेच रही है। लाइटगेट सिस्टम को किराये पर लिया जा सकता है या सीधे खरीदा जा सकता है (बच्चों का मॉडल 2250 अमेरिकी डॉलर का है, तमाम दूसरे मॉडल 10,500 अमेरिकी डॉलर तक हैं, साथ में ट्रेडमिल 2950 अमेरिकी डॉलर की है)। कंपनी का कहना है कि उसके पास बताने के लिए ऐसी बहुत सी कहानियां है जिसमें पक्षाघात से ग्रस्त यूजर्स ने प्रकार्य फिर से हासिल किया। उसके ट्रेडमिल प्रशिक्षक अमेरिका भर में उपलब्ध हैं। www.litegait.com पर उनसे संपर्क करें या टोलफ्री नंबर 1-800-332 WALK (9255) पर फोन करें।
अन्य लोकोमोटर प्रणालियां बाजार में आ रही हैं। स्विटजरलैंड की लोकोमैट का शिकागो के रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट और डीसी में नेशनल रिहैबिलिटेशन हास्पिटल में परीक्षण किया जा रहा है। मियामी प्रोजेक्ट टु क्योर पैरालिसिस के पास भी लोकोमैट है। इस डिवाइस का वर्णन एक्सोस्केल्टन (बाहरी अस्थिपंजर) के रूप में किया जाता है क्योंकि इसमें यूजर्स की टांगों को उस समय गाइड करने के लिए कूल्हे पर रोबोटिक जोड़ एवं घुटने होते हैं जबकि वह ट्रेडमिल के साथ-साथ कदम बढ़ाता है। इस प्रौद्योगिकी का लक्ष्य प्रशिक्षण सत्र के दौरान कुछ थेरेपिस्टों के लिए जरूरत में कमी लाना है। http://www.hocoma.ch पर डिवाइस देखें (अंग्रेजी संस्करण पर क्लिक करें)।पुनर्वास केंद्र की बड़ी श्रृंखला हेल्थसाउथ ने कई वर्ष पहले यूसीएलए के ट्रेडमिल कार्यक्रम के दौरे से प्रेरित होकर हारनेस एवं ट्रेडमिल रिग ऑटोएम्बुलेटर पेश किया है। कंपनी ने 2003 में यह उत्पाद पेश किया और अपने पुनर्वास केंद्रों में दाखिल मरीजों से इसकी शुरुआत की। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें : www.autoambulator.com
अमेरिका भर में इस समय ट्रेडमिल प्रशिक्षण की प्रभावों की जांच करने वाले बहुत से क्लीनिकल ट्रायल हो रहे हैं। इनमें से कुछ परीक्षणों का संचालन डिपार्टमेंट आफ वेटरन्स अफेयर्स द्वारा किया जा रहा है।
क्लीवलैंड में एक उन लोगों का नामांकन कर रहा है जिन्हें आघात लग चुका है, इसके अलावा परीक्षण के एक हिस्से से न्यूरोमस्कुलर उद्दीपन भी जुड़ा रहेगा। जेनिस डेली, पीएचडी से संपर्क करें 216-791-3800, jjd17@case.edu।
इसके अलावा वीए रिहैबिलिटेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सर्विस ऐसे लोगों का नामांकन भी कर रही है जिन्हें कि ट्रेडमिल प्रशिक्षण के ह्यूस्टन परीक्षण में आघात लग चुका है। एलिजाबेथ प्रोटास से 713-794-7117 lim.peter@houston.va.gov पर संपर्क करें।
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट (एनआईसीएचडी) द्वारा प्रायोजित एक और परीक्षण इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि क्या रीढ़ रज्जु की चोटों वाले रोगियों में चलने की क्षमता को बेहतर बनाने में पारंपरिक पुनर्वास उपचार के मुकाबले बॉडी वेट सपोर्ट (बीडब्ल्यूएस) गेट प्रशिक्षण ज्यादा प्रभावी है। यह अध्ययन इसके अलावा ट्रेडमिल आधारित प्रशिक्षण की जमीन के ऊपर आधारित प्रशिक्षण से तुलना भी कर रहा है। रोगियों की रीढ़रज्जु चोटें टी10 रीढ़ पर या उसके ऊपर होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण शुरू करने से पहले चिरकालिक चोटों को कम से कम एक साल या कम तीव्र चोटों के लिए दो से आठ महीना पुरानी होना चाहिए। ब्लेयर एम. कैलानसी से संपर्क करें, 305-585-8347, bcalancie@miamiproj.med.miami.edu
इन और इसी प्रकार के अन्य क्लीनिकल परीक्षणों पर अधिक जानकारी के लिए देखें : http://clinicaltrials.gov -- सर्च बॉक्स में treadmill शब्द टाइप करें।
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